हमारा कार्य (Our Work)

श्री शिवचरण धर्मार्थ मानव सेवा ट्रस्ट विभिन्न सामाजिक और धर्मार्थ परियोजनाओं के माध्यम से समाज में खुशहाली और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समर्पित है।

गरीबों की मदद

Helping the Needy

हम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बुनियादी आवश्यकताएं जैसे वस्त्र, राशन, और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

Health camps

Medical Healthcare

ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाना, जाँच कराना और आवश्यक दवाएँ वितरित करना हमारी स्वास्थ्य प्राथमिकता है।

गौ सेवा

Cow Protection

गौ माता का संरक्षण और सेवा भारतीय संस्कृति का मूल है। हम गौशालाओं में चारे, पानी और चिकित्सा की उचित व्यवस्था के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

Food donation

Hunger Relief

भोजन वितरण कार्यक्रम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे क्षेत्र में कोई भी भूखा न सोए। हम रोजाना पौष्टिक भोजन वितरित करते हैं।

Tree plantation

Environmental Care

पर्यावरण को बचाने के लिए हम सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाते हैं और लोगों को हरियाली के प्रति जागरूक करते हैं।

किसानों के लिए निःशुल्क गोबर खाद वितरण

Free Manure Distribution

प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को निःशुल्क गोबर खाद उपलब्ध कराना, जिससे खेती की लागत कम हो और भूमि की उर्वरता बढ़े।

Herbal Agriculture / जैविक एवं हर्बल कृषि प्रोत्साहन

Organic Farming

रसायन मुक्त, प्राकृतिक और हर्बल कृषि को बढ़ावा देना, किसानों को नई तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूक करना।

निःशुल्क दूध एवं छाछ वितरण

Free Milk Distribution

गरीब, जरूरतमंद, वृद्ध एवं बीमार लोगों को निःशुल्क दूध और छाछ उपलब्ध कराकर पोषण, स्वास्थ्य और सेवा का कार्य करना।

निःशुल्क यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान सेवा

Spiritual Services

समृद्धि, बीमारी निवारण, पितृ शांति तथा सर्वजन कल्याण हेतु निःशुल्क यज्ञ, पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

हम सेवा क्यों करते हैं? (Philosophy)

हमारा मानना है कि हर सक्षम व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह समाज के जरूरतमंद तबके की सहायता करें। श्री शिवचरण ट्रस्ट उस कड़ी का काम करता है जो दानदाताओं और जरूरतमंदों को जोड़ता है।

100% पारदर्शी कार्य (Transparency)

बिना किसी भेदभाव के सेवा (Inclusivity)

"परहित सरिस धरम नहिं भाई"
— दूसरों की सेवा से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है।